हमारी विवाह सेवाएं
आर्य समाज में वैदिक विधि से सरल और कानूनी रूप से मान्य विवाह सेवाएं
आर्य समाज विवाह
आर्य समाज विवाह एक सरल और वैदिक विवाह पद्धति है जो वेदों के सिद्धांतों और मंत्रों के अनुसार सम्पन्न होती है। इसमें हवन, वैदिक मंत्र और सप्तपदी के माध्यम से वर-वधू अग्नि को साक्षी मानकर जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लेते हैं।
यह विवाह पूरी तरह से कानूनी रूप से मान्य होता है और विवाह के बाद प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाता है। यह उन जोड़ों के लिए आदर्श विकल्प है जो पवित्र और सरल विवाह चाहते हैं।
अंतरजातीय विवाह
अंतरजातीय विवाह वह विवाह है जिसमें अलग-अलग जाति के युवक-युवती आपसी सहमति से विवाह करते हैं। आर्य समाज इस प्रकार के विवाह को प्रोत्साहित करता है।
विवाह वैदिक मंत्रों, हवन और सप्तपदी की विधि से सम्पन्न कराया जाता है। यह समाज में समानता, भाईचारा और सामाजिक एकता को बढ़ावा देता है।
अंतरधार्मिक विवाह
अंतरधार्मिक विवाह वह विवाह है जिसमें अलग-अलग धर्मों के युवक-युवती आपसी सहमति से विवाह करना चाहते हैं।
आर्य समाज में ऐसे विवाह वैदिक विधि के अनुसार सम्पन्न कराए जाते हैं ताकि दोनों को सामाजिक और कानूनी सुरक्षा मिल सके।
वैदिक सप्तपदी विवाह
सप्तपदी विवाह वैदिक विवाह की सबसे महत्वपूर्ण विधि मानी जाती है जिसमें वर-वधू अग्नि को साक्षी मानकर सात कदम साथ चलते हैं।
हर कदम पर एक-एक वचन लिया जाता है जिसमें जीवनभर साथ निभाने, सम्मान और परिवार की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प होता है।
विवाह हॉल / मैरिज पैलेस
हम अपने परिसर में विवाह समारोह के लिए हॉल और मैरिज पैलेस की सुविधा भी प्रदान करते हैं।
- सुसज्जित विवाह हॉल
- हवन और वैदिक विधि के लिए व्यवस्था
- परिवार और मेहमानों के बैठने की सुविधा
- शांत और धार्मिक वातावरण